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नवग्रह मंत्र एवं नौ ग्रह

नवग्रह सूर्य, चन्द्र, मंगला, बुधा, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, आ केतु अछि — प्रत्येक ज्योतिष मे कर्म विषय के नियंत्रित करैत अछि |

सामूहिक नवग्रह पूजा वा व्यक्तिगत ग्रह जप दुनूक उद्देश्य सामंजस्य (शांति) अछि |

नौ ग्रह

सूर्य (सूर्य), चन्द्र (चन्द्र), मंगल (मंगला), बुध (बुधा), बृहस्पति (गुरु), शुक्र (शुक्र), शनि (शनी), एवं चन्द्र ग्रन्थि राहु एवं केतु | जपम में नित्य अभ्यास के लेल कतेको ग्रह आ देवता मंत्र भेटैत अछि |

जपा के लाभ (पारंपरिक दृष्टिकोण) २.

108 बार जप कैसे करे |

कखन जप करब

शनि होइत सूर्यक रवि–शनि दिनक नक्शा; राहु/केतु के विशेष नियम छै — पुरोहित स पूछू।

108 पुनरावृत्ति कियैक मायने रखैत अछि

108 नंबर एकटा जपा माला पर एकटा फुल राउंड अछि। लगातार पुनरावृत्ति मन के शांत करैत अछि आ मंत्र के अर्थ पर ध्यान गहींर करैत अछि |

किछु परंपरा मे 11 या 21 माला निर्धारित कयल गेल अछि — अपन गुरु वा पुरोहित सँ अपन व्रत के अनुकूल गिनती पूछू |

टालबाक लेल आम गलती

मंदिर आ घर एक संग अभ्यास

घर जपा मंदिर पूजा के समर्थन करैत अछि; दर्शनक स्थान नहि लैत अछि। पावनि-तिहार के दिन या शनि दिन मंदिर के दर्शन करला स पारिवारिक परंपरा के मजबूती भेटैत अछि।

जपम के साथ अभ्यास करे |

ग्रह-संबद्ध मंत्र आ गिनती के लेल जपम के देवता जाल खोलू — सलाह देला पर नवग्रह होमम के पूरक |

Frequently asked questions

पूर्ण नवग्रह स्तोत्र लम्बाई?
108 सँ बेसी नमहर; किछु गोटे एकर बदला मे प्रतिदिन एक ग्रह करैत छथि।
की राहु केतु ग्रह अछि ?
ज्योतिष मे ई सब चया ग्रह (छाया नोड्स) अछि |
जपम में चन्द्र मंत्र?
शिव/शक्ति सन देवता रूप प्रायः चन्द्रभक्ति केँ कवर करैत अछि; अपन परंपरा स पूछू।
होमम लागत ?
मंदिर भिन्न-भिन्न होइत अछि; घर जपा स्वतंत्र आ निश्छल अछि।
कोन ग्रह पहिने ?
ज्योतिषी चार्ट के आधार पर अनुशंसा करैत छथि — प्रायः शनि या सक्रिय दश स्वामी |

ई लेख केवल शैक्षणिक आ भक्ति अभ्यास के लेल अछि | जपम चिकित्सा, कानूनी, या आर्थिक सलाह नहि दैत अछि। परिणाम व्यक्तिगत विश्वास आ लगातार अभ्यास पर निर्भर करैत अछि । ऐप में मंत्र पाठ आ ऑडियो जपा सपोर्ट के लेल अछि; औपचारिक पूजा नियम के लेल अपन परिवार के पुजारी या परंपरा स परामर्श करू।