ग्रह शांति मंत्र एवं ग्रह शांति
ग्रह शांति के अर्थ छै पूजा, दान, आरू मंत्र जप के माध्यम स॑ अपनऽ कुंडली म॑ नौ ग्रह (नवग्रह) क॑ शान्ति देना ।
प्रत्येक ग्रह के बीज या नाम मंत्र होता है — जपम में शनि, राहु, केतु, सूर्य, गुरु, एवं दिव्य कृपा के देवता रूप शामिल हैं |
ग्रह शांति की होइत अछि ?
ज्योतिष कर्म प्रवृत्ति के ग्रहों के साथ नक्शा बनाते हैं | जप कर्म के “मेटै” नै करै छै बल्कि मन के स्थिर करै छै आरू आचरण के धर्म के साथ संरेखित करै छै, जेकरा पर परंपरा के कहना छै कि कठिन काल के कोमल होय जाय छै ।
जपा के लाभ (पारंपरिक दृष्टिकोण) २.
- समग्र दृष्टिकोण : नवग्रह पूजा या व्यक्तिगत फोकस के माध्यम से अनेक ग्रह |
- मंत्र, व्रत, आ सेवा के संयोजन करैत अछि प्रति पुरोहित सल्लाह |
- दश संक्रमण के दौरान शांति के समर्थन करैत अछि
- दैनिक आध्यात्मिक अनुशासन के निर्माण करैत अछि
108 बार जप कैसे करे |
- कोनो योग्य ज्योतिषी सँ कोन ग्रह पर ध्यान केंद्रित करबाक आवश्यकता अछि से चिन्हित करू
- ओहि ग्रह के सप्ताह के दिन 108 बेर मंत्र के जप करू
- व्यापक शांति के लिये नवग्रह होमम या मंदिर पूजा |
- व्यक्तिगत ग्रह/देवता मंत्र के लिये जपम का प्रयोग करे |
कखन जप करब
सप्ताह के दिन ग्रहों के नक्शे — रविवार सूर्य, शनिवार शनि, आदि |
108 पुनरावृत्ति कियैक मायने रखैत अछि
108 नंबर एकटा जपा माला पर एकटा फुल राउंड अछि। लगातार पुनरावृत्ति मन के शांत करैत अछि आ मंत्र के अर्थ पर ध्यान गहींर करैत अछि |
किछु परंपरा मे 11 या 21 माला निर्धारित कयल गेल अछि — अपन गुरु वा पुरोहित सँ अपन व्रत के अनुकूल गिनती पूछू |
टालबाक लेल आम गलती
- बेसी तेजी स जप करब आ आवाज पर ध्यान नहि देब
- बिना मार्गदर्शन के अनेक देवता व्रत के मिश्रण
- भक्ति आ नैतिक जीवन जीबाक बदला मात्र भौतिक परिणामक अपेक्षा करब
मंदिर आ घर एक संग अभ्यास
घर जपा मंदिर पूजा के समर्थन करैत अछि; दर्शनक स्थान नहि लैत अछि। पावनि-तिहार के दिन या शनि दिन मंदिर के दर्शन करला स पारिवारिक परंपरा के मजबूती भेटैत अछि।
जपम के साथ अभ्यास करे |
जपम में गिनती आ ऑडियो के संग एक ऐप में शनि, राहु, केतु, सूर्य, गुरु मंत्र आ देवता जप के अभ्यास भेटैत अछि |
Frequently asked questions
- सब ग्रह के लिये एक मंत्र?
- नवग्रह स्तोत्र विद्यमान अछि; व्यक्तिगत ग्रह मंत्र विशिष्ट आवश्यकताओं को लक्षित करते हैं |
- हमरा रत्न चाही की?
- किछु गोटे ज्योतिषीक सलाहक बाद रत्न पहिरैत छथि; जप असगर बहुतो के लेल पूर्ण साधना अछि।
- नवग्रह मंदिर पूजा कहाँ अछि ?
- प्रमुख मंदिर सब में नवग्रह तीर्थ भेटैत अछि; घर जपा यात्रा के पूरक।
- राहु आ केतु वैह?
- नहि — अलग-अलग मंत्र; एहि श्रृंखला मे समर्पित गाइड देखू।
- होमम के जगह जपम ल सकैत अछि?
- नहि — होमम पुरोहितक नेतृत्व मे होइत अछि; जपम दैनिक जप के समर्थन करैत अछि।
ई लेख केवल शैक्षणिक आ भक्ति अभ्यास के लेल अछि | जपम चिकित्सा, कानूनी, या आर्थिक सलाह नहि दैत अछि। परिणाम व्यक्तिगत विश्वास आ लगातार अभ्यास पर निर्भर करैत अछि । ऐप में मंत्र पाठ आ ऑडियो जपा सपोर्ट के लेल अछि; औपचारिक पूजा नियम के लेल अपन परिवार के पुजारी या परंपरा स परामर्श करू।